नई दिल्ली/बागपत। योग और अन्य भारतीय उपचार पद्धतियों के विशेषज्ञ तथा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली से एमबीबीएस और एम.डी. करने वाले छात्र, मेडिकल साइंस के एक्सपर्ट प्रोफेसर वगैरा, भारतीय चिकित्सा पद्धतियों की रिसर्च और ज्ञान से एक दूसरे को फायदा पहुंचाने के लिए एम्स नई दिल्ली के ऑडिटोरियम में इकट्ठे हुए। इस मौके पर खानदानी हकीम डॉ. बदरुल इस्लाम कैरानवी ने कहा कि रमजानुल-मुबारक में इबादत, रोज़ा और नमाज़ बेहतर तरीके और सुकून के साथ अदा करने, बीमारियों और ज़हनी उलझनों से बचाकर जिस्म को तैयार करने और तंदुरुस्ती में चार चांद लगाने में मददगार नए जमाने की आसान एक्सरसाइज का परिचय कराया और बताया कि बड़े पैमाने पर पिछले साल दिल्ली से हज पर
जाने वाले हाजियों ने इन डर्बिटेक वर्जिशों के बिल्कुल ताज़ा 40वे-वर्जन से बेहतर तौर पर अपने आप को सेहतमंद बनाए रखने का मुफ्त नफा उठाया। यह एक्सरसाइज सूफी संतों, योगियों, चिकित्सकों वगैरा की तालीम से लेकर आज के इंसान की जरूरत के मुताबिक विशेष रूप से तैयार की हुई है तथा हाईटेक, रिफाइंड और कस्टमाइज्ड और भारत सरकार की मदद से अंतरराष्ट्रीय स्तर की ब्रांडेड बनाई हुई है। भारत सरकार से मान्यता प्राप्त योग माहिर और एक-एक मिनट वाली 20 मिनट की डर्बिटेक वर्जिशों की ट्रेनर
कौसर साहिबा ने उम्मीद जाहिर की के इस तकनीक के बिल्कुल ताज़ा वर्जन का इस्तेमाल करते हुए नो-उम्र छात्र फिटनेस लीडर बन जाएंगे और दूसरों को यह अभ्यास सीख कर बीमारियों से पाक समाज बनाने में सहायक साबित होंगे। जिम-फॉर-यू के जाकिर भाई ने कहां के नए जमाने के आसन डर्बीटेक एक्सरसाइज ऑनलाईन मुफ्त सीखे और सीखने अपनी और दूसरों की तंदुरुस्ती बेहतर बनाते हुए मस्ती से करें इस्तकबाले-रमज़ान। जमाते-इस्लामी के लोकल यूनिट के कार्यकर्ता इत्यादि के सहयोग से ट्रेनिंग प्रोग्राम कामयाब रहा।

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