Sunday, May 24, 2026

आल इण्डिया यूनानी तिब्बी कांग्रेस का िविर कामयाबी से मुनअक़िद

मुफ्त परामर्श, लेब सहूलत एवं दवाओं के साथ साथ शुगर, बी.पी., स्ट्रेस से बचाने वाली डर्बिक चयनित एक्सरसाइज की सरल तकनीक मुफ्त सिखाई गई on 22-12-2024


 










70 साल की उम्र से ज्यादा तक, प्रखर बुद्धि के साथ, ऊर्जावान बने रहने के लिए भारतीय सेवा के जवानों ने, डॉ. इस्लाम से सीखे योग के रहस्य ON 2024-12-03


आदिल चौधरी/सर्वहित भारत हापुड़। उत्तराखंड, में स्थित भारतीय फौज के जवानों को बेहतरीन ट्रेनिंग देने का रिकॉर्ड बनाए रखने वाली मिलिट्री अकादमी के श्री मोहन जी ने,अपने अधिकारियों की अनुमति से डॉ. बदरुल इस्लाम कैरानवी के मार्गदर्शन में हाईटेक योगाभ्यास की कार्यशाला का आयोजन किया ज्ञात हो कि इस कार्यशाला के मार्गदर्शक एमएससी, एमडी, आयुर्वेद रत्न, योग के गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. बी. इस्लाम पिछले 50 वर्षों से देश-विदेश में योगा-सिखाने मैं ख्याति प्राप्त हैं और वर्ष 1985 से यूरोप इत्यादि के देश के चिकित्सकों को योगा का चिकित्सकीय वैज्ञानिक परिचय देने वाले श्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय योगा-गुरु, खानदानी हकीम एवं केवीएस बी.एस.जी. मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली में 16 वर्षों तक ट्रेनिंग कमिश्नर के रूप में योग के प्रचार-प्रसार, उत्थान और उसे विज्ञान के रूप में स्थापित करने में अमूल्य योगदान दे चुके हैं। 



कार्यशाला का संतोष जनक पहलू यह है कि प्रतिभागी मेहनत, लगन और पूर्ण जिम्मेदारी से देश की हिफाज़त करने का लंबे समय तक अच्छा तजुर्बा रखने वाले भारतीय सीनियर जवानों ने पूरी दिलचस्पी और गहन ध्यान के साथ हाईटेक योग लीडर बनाने वाली इस कार्यशाला में सहर्ष, जिज्ञासा वश उत्साह से भाग लिया। 








कार्यशाला की विशेष उपलब्धि यह रही की भारतीय सेना के सीनियर जवानों ने अपनी स्वास्थ्य रक्षा, मानसिक तनाव मुक्ति, ध्यान-शक्ति, रोग-प्रतिरोधक क्षमता और आंतरिक अंगों के दरमियान सुचारू रक्त संचरण, मल निष्कासन एवं सभी अंगों में सुगठन बनाए रखने में सक्षम एवं दृढ़ता बढ़ाने के लिए ऋषि-मुनियों सूफी-संतों द्वारा स्थापित मूल्यों पर आधारित और आज के समय के मनुष्य के हालात और शारीरिक क्षमताओं के अस्तर को ध्यान में रखकर, डॉ इस्लाम द्वारा 50,000 शिक्षकों के माध्यम से 35 लाख युवाओं के अलावा दुनिया जहां के योग प्रेमियों को पसंद आने वाली तथा डॉ. इस्लाम के स्वयं के पिछले 50 साल से लगातार किए जाने वाले शोध पर आधारित तैयार की हुईं और बहुत ही कम समय में की जाने वाली 50वें अपडेटेड वर्ज़न की अमूल्य योगाभ्यास को सरलता से सीख लिया तथा डर्बिक योगाभ्यास विधि से मस्तिष्क की मालिश, दीर्घायु तक हिम्मतवाला, अधिक बलवान, स्वास्थ्य स्मिर्ध और ऊर्जावान बनाए रखने के लिए बहुत पसंद आई और कार्यशाला का विशेष आकर्षण बन गई। 


खुशी की बात यह है कि इस हाईटेक योगाभ्यास की कार्यशाला के प्रतिभागी निष्ठावान-जवानों ने अपने जीवन में पहली बार उच्च कोटि की टेक्निक द्वारा सरलता से मस्तिष्क की मालिश करने के हुनर को अचंभित होकर देखा परन्तु आसान विधि के कारण सरलता से सीख लिया और गहन प्रभाव कारी इस रहस्यमई हुनर को अपने जीवन में अनुसरण करने के लिए और जूनियर जवानों को सिखाने का परोपकारी सिलसिला चलाने के लिए अपना लिया, कार्यशाला की उपलब्धि पर आयोजन संतुष्ट और गदगद हो उठे।